MP Board Class 6th Social Science Solutions Chapter 11 जनपदों और महाजनपदों का युग
Madhya Pradesh Board Class 6 Social Science Solutions Chapter 11 जनपदों और महाजनपदों का युग
By StudyEducation
MP Board Class 6th Social Science Chapter 11 पाठान्तर्गत प्रश्नोत्तर
प्रश्न
पाठ्य पुस्तक पृष्ठ संख्या 64 पर दिये गये मानचित्र को ध्यान से देखें और प्राप्त जानकारी से दी गई तालिका को पूरा करें।
उत्तर:
MP Board Class 6th Social Science Chapter 11 अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए –
(अ) जनपद किसे कहते हैं ?
उत्तर:
जनपद से आशय है ‘मनुष्य के बसने का एक क्षेत्र’।
(ब) दो गणसंघों के नाम लिखिए।
उत्तर:
- मिथिला के वज्जि
- कपिलवस्तु के शाक्य।
(स) मगध साम्राज्य की स्थापना किसने की थी ?
उत्तर:
मगध साम्राज्य की स्थापना बिम्बिसार ने की थी।
(द) महाजनपद काल के चार प्रमुख नगरों के नाम लिखिए।
उत्तर:
उज्जयनी, श्रावस्ती, अयोध्या, काशी, कौशाम्बी आदि।
(य) अजातशत्रु कौन था ?
उत्तर:
अजातशत्रु बिम्बिसार का पुत्र था।
(र) महाजनपद किसे कहते हैं ?
उत्तर:
बड़े एवं शक्तिशाली जनपदों को महाजनपद कहा जाता था। महाजनपदों में से एक ‘अवंति’ मध्य प्रदेश में था।
(ल) आहत सिक्के किसे कहते हैं ?
उत्तर:
महाजनपद काल के जो सिक्के प्राप्त हुए हैं वे ताँबे या चाँदी के होते थे। इन्हें ही आहत या ठप्पे लगे (पंचमार्क) सिक्के कहते हैं।
(व) गणसंघ तथा जनपद क्या हैं ?
उत्तर:
गणसंघ-ऐसे राज्य जहाँ वंशागत राजा नहीं होते थे ‘गणसंघ’ कहलाते थे। गणसंघ के राजा को जनता चुनती थी। मिथिला के वज्जि, कपिलवस्तु के शाक्य प्रमुख गणसंघ थे।
जनपद:
उत्तर:
जनपद से आशय है ‘मनुष्य के बसने का एक क्षेत्र’।
प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए
(अ) बिम्बिसार कौन था ? उसने अपना साम्राज्य विस्तार कैसे किया ?
उत्तर:
बिम्बिसार लगभग 544 ई. पू. में मगध का राजा बना।
उसने अपने राज्य को शक्तिशाली बनाने के लिए निम्नलिखित उपाय किये –
- उसने पड़ोसी राज्यों को अपना मित्र बनाया।
- पड़ोसी राजघराने में विवाह सम्बन्ध स्थापित किए।
- उसने गंगा नदी पर अधिकार कर लिया। यहाँ से नावों द्वारा व्यापार करने में सुविधा हो गई।
- उसने अंग राज्य को जीता तथा गंगा तट के प्रमुख बन्दरगाह चम्पा पर अधिकार कर लिया। इससे मगध का दक्षिण भारत के साथ मसाले और मणि-माणिक का व्यापार होने लगा।
- मगध में लोहे के भण्डारों का उपयोग करके बिम्बिसार ने हथियारों तथा औजारों का निर्माण कराया। इन उपायों से मगध अत्यन्त शक्तिशाली राज्य बन गया।
(ब) मगध साम्राज्य के विस्तार के प्रमुख कारण लिखिए।
उत्तर:
मगध साम्राज्य के विस्तार के कारण निम्नलिखित हैं –
- मगध क्षेत्र की भूमि उपजाऊ थी।
- मगध क्षेत्र में लोह के पर्याप्त भण्डार थे, इससे सेना को हथियार बनाने में मदद मिली।
- गंगा नदी में नौकाओं से व्यापार होता था। अत: व्यापारी भी दूर-दूर तक आते-जाते थे।
(स) गौतम बुद्ध का जीवन परिचय लिखते हुए उनके प्रमुख उपदेश लिखिए।
उत्तर:
गौतम बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था। नेपाल के तराई क्षेत्र में लुंबिनी वन नामक स्थान पर 563 ई. पू. इनका जन्म हुआ था। बचपन से ही गौतम का मन ध्यान और आध्यात्मिक चिन्तन की ओर था। 29 वर्ष की आयु में आप ज्ञान प्राप्त करने के लिए घर से निकल पड़े। सात वर्षों तक भ्रमण करने के पश्चात् बोध गया स्थान में एक पीपल के वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ। तभी से आप ‘बुद्ध’ कहे जाने लगे। ज्ञान प्राप्त करने के बाद बुद्ध ने अनेक वर्षों तक अपने ज्ञान का प्रचार-प्रसार किया। 483 ई. पू. वैशाख पूर्णिमा को कुशीनगर में बुद्ध का देहावसान हुआ।
बुद्ध के उपदेशों का सार उनके चार आर्य सत्य हैं जो निम्न प्रकार हैं –
- संसार दुःख से भरा है-बुद्ध के अनुसार संसार दुःख से भरा है। सब कुछ दुःखमय है।
- दुःख का कारण-सब दुःखों का कारण मनुष्य की इच्छाएँ हैं।
- दुःख का निरोध-मनुष्य दुःख से छुटकारा पा सकता है। जन्म-मरण के बंधनों से छुटकारा पाना ही जीवन का उद्देश्य है।
- दुःख से छुटकारा पाने के साधन-दुःख से छुटकारा पाने का साधन ‘अष्टांगिक’ मार्ग-शुद्ध विचार, शुद्ध संकल्प, शुद्ध वाणी, शुद्धध्यवहार, शुद्ध जीवन, शुद्ध ध्यान, शुद्ध समाधि का पालन करना है।
(द) महावीर स्वामी का जीवन परिचय लिखते हुए उनकी प्रमुख शिक्षाओं को लिखिए।
उत्तर:
महावीर स्वामी का जन्म वैशाली नामक गणराज्य में हुआ था। इनके बचपन का नाम वर्धमान था। सत्य की खोज के लिए वे 30 वर्ष की उम्र में ही घर छोड़ गए। 12 वर्ष तक भटकने के बाद उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ। इन्होंने जैन धर्म चलाया।
महावीर स्वामी की शिक्षाएँ निम्नलिखित थी –
- हिंसा (जीव हत्या) कभी नहीं करनी चाहिए।
- सत्य का पालन करो।
- चोरी मत करो।
- धन का संचय नहीं करना चाहिए।
- ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
(य) महाजनपदयुगीन प्रशासन व जीवन शैली के बारे में लिखिए।
उत्तर:
महाजनपदयुगीन प्रशासन-महाजनपद युग में राजा का पद बहुत शक्तिशाली था। वह राज्य का प्रशासन आमान्य (मंत्री), पुरोहित (धर्मगुरु), संग्रत्री (कोषाध्यक्ष), बलि साधक (कर वसूलने वाले),शौल्किक (चुंगी वसूलने वाला), सेनापति, ग्रामीण आदि के द्वारा चलाता था। राजा का परामर्श ‘परिषद’ देती थी। किसानों को कर देना पड़ता था। जीवन शैली-महाजनपद युग में समाज में चार वर्ण थे। कुछ जातियों का भी जन्म हो गया था। जैसे बढ़ई, सुनार, लुहार आदि। एक व्यवसाय से जुड़े लोगों को ‘श्रेणी’ कहा गया। इस काल में बौद्ध धर्म व जैन धर्म का उदय हुआ।
प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(अ) नन्दवंश के शासन काल में …………. का भारत पर आक्रमण हुआ।
(ब) शिशुनाग …………… का शासक था।
(स) महावीर का जन्म …………. में हुआ था।
उत्तर:
(अ) सिकन्दर
(ब) काशी
(स) वैशाली गणराज्य।
प्रश्न 4.
कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(अ) बिम्बिसार वंश का था। (हर्यंक / मौर्य)
(ब) चण्डप्रद्योत महाजनपद का शासक था। (अवन्ति / अंग)
(स) बुद्ध का जन्म नामक स्थान पर हुआ था। (लुंबिनी / वज्जि)
उत्तर:
(अ) मौर्य
(ब) अवन्ति
(स) लुंबिनी
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