MP Board Class 8 हिंदी भाषा भारती Solutions Chapter 7 भेड़ाघाट प्रश्न उत्तर
Madhya Pradesh Board Class 8 Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 7 भेड़ाघाट
By StudyEducation
बोध प्रश्न
प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ शब्दकोश से खोजकर लिखिए
उत्तर
बंदिनी = महिला कैदी; निष्काम = बिना स्वार्थ के, बिना किसी कामना के कृष्णत्व-कालापन, श्याम रंग; घर्षणघिसावट, रगड़, घिसना; नगण्य = तुच्छ। किसी गणना में न आने योग्य नुस्खा = वैद्य या हकीम द्वारा रोग दूर करने के लिए लिखी गई औषधि का पर्चा; कूता = संख्या जानना, तौल आदि का अन्दाजा लगाना; तृण-तिनका, कोमल घास।
प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए
(क) भेड़ाघाट जबलपुर से कितने मील दूर है ?
उत्तर
भेड़ाघाट जबलपुर से तेरह मील दूर है।
(ख) गौरीशंकर मन्दिर किसने बनवाया था ?
उत्तर
गौरीशंकर मन्दिर त्रिपुरी राजघराने के महाराज करण देव की महारानी अल्हणा देवी ने संवत् 1155-56 विक्रमी में बनवाया। इस प्रकार इसका निर्माण साढ़े आठ सौ वर्ष पूर्व किया गया।
(ग) दूध धारा किसे कहते हैं ?
उत्तर
‘दूध धारा’ संगमरमरी चट्टानों पर से नर्मदा का बहता जल है। वह जब घर्षण के साथ धुआँधार झरने से पानी गिरता है, तो वह दूध जैसा दीख पड़ता है। इसलिए इसे दूधधारा कहते हैं।
(घ) भेड़ाघाट घूमने कौन गया था ?
उत्तर
भेड़ाघाट घूमने के लिए लेखक स्वयं गया हुआ था। सौन्दर्य के क्षण-क्षण पर बदलती-सी लगती है। इसके किनारे मन्दिर और धर्मशालाएँ हैं। भेड़ाघाट की छोटी-सी पहाड़ी पर गौरीशंकर मन्दिर है। रात्रि के सन्नाटे में दूध-धारा का घर-घर शब्द गौरी शंकर मन्दिर में सुनाई पड़ता है। यहाँ सर्वत्र ही प्रकृति की सुन्दरता का साम्राज्य है।
(ड) भेड़ाघाट पर नर्मदा के दोनों ओर की चट्टानें किस पत्थर की बनी हुई है ?
उत्तर– भेड़ाघाट पर नर्मदा नदी के दोनों ओर की चट्टानें मुख्य रूप से संगमरमर (Marble) के पत्थर की बनी हुई हैं। ये सफेद, गुलाबी, और नीले रंग के संगमरमर की चट्टानें भेड़ाघाट की खूबसूरती को और भी बढ़ा देती हैं।
प्रश्न 3 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए ।
(क) नर्मदा नदी के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए ।
उत्तर
नर्मदा नदी अपने अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यह नदी भारत की पवित्र नदियों में से एक है और इसके किनारे की हरियाली, घुमावदार रास्ते, और जलधाराएँ मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करती हैं। नर्मदा के तटों पर स्थित पहाड़ियाँ और घाटियाँ इस नदी के सौंदर्य में चार चाँद लगाती हैं।
नदी के पानी की शीतलता और स्वच्छता, आसपास के प्राकृतिक वातावरण के साथ एक सुंदर समन्वय बनाती हैं। इसके तटों पर ऊँचे-ऊँचे वृक्ष, हरे-भरे जंगल, और विभिन्न प्रकार के फूल-फल इस क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को और भी समृद्ध बनाते हैं। विशेष रूप से, अमरकंटक से निकलती हुई नर्मदा की धारा और इसके तट पर बसे हुए मंदिरों और घाटों का दृश्य अत्यंत रमणीय होता है।
(ख) जबलपुर में भेड़ाघाट के अतिरिक्त कौन-कौन से घाट हैं ? वे भेड़ाघाट की तरह आकर्षक क्यों नहीं लगते ?
उत्तर
लेखक ने भेड़ाघाट देखा। वहाँ की सुन्दरता का प्रभाव लेखक के मन पर बहुत ही अधिक था। उसने सबसे पहले ग्वारीघाट तथा तिलवाड़ा देख लिया था। इन स्थानों की प्रकृति भी कम सौन्दर्यमयी नहीं थी। यहाँ की चट्टानें भी सतपुड़ा के शिखरों की गौरव थीं। इन प्राकृतिक उपादानों में उनकी विशालता ही शोभा थी जिसके महत्व को नहीं आंका जा सकता। दूध-धारा और धुआँधार भी अपने प्राकृतिक सौन्दर्य की आभा को बिखेर रही थीं। इन्हीं शिखरों के मध्य गौरीशंकर और चौंसठ योगिनी का मन्दिर है। नर्मदा के किनारों वाले बीहड़ जंगलों के मध्य इन मन्दिरों का निर्माण करना भी अपने आप में एक ऐतिहासिक सच्चाई है। लेखक को इन सभी स्थलों की सुन्दरता ने प्रभावित तो किया परन्तु उसके ऊपर भेड़ाघाट की सुन्दरता का मुग्धकारीप्रभाव चमत्कारिक है।
प्रश्न 3 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए ।
(क)नर्मदा नदी के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए ।
(ख) जबलपुर में भेड़ाघाट के अतिरिक्त कौन-कौन से घाट हैं ? वे भेड़ाघाट की तरह आकर्षक क्यों नहीं लगते ?
(ग) लेखक द्वारा की गई भेड़ाघाट यात्रा का वर्णन कम-से-कम 100 (सौ) शब्दों में कीजिए।
उत्तर
लेखक को सन् 1914 ई. में भेड़ाघाट देखने का अवसर मिला। भेड़ाघाट जबलपुर से तेरह मील दूर है। वह आधा घण्टे में मीरगंज स्टेशन पर पहुँच गया। उस समय रेलगाड़ी की यह गति बहुत तेज समझी जाती थी। दो-तीन अंग्रेज अपने खानसामे के साथ भेड़ाघाट जाने के लिए मीरगंज स्टेशन पर उतरे थे। नर्मदा नदी के भेड़ाघाट तक वहाँ सड़क कच्ची थी। नर्मदा नदी अमरकंटक से निकली है। नर्मदा का प्रवाह आठ सौ मील तक बहता है परन्तु भेड़ाघाट इसके उद्गम अमरकण्टक से एक सौ चौवामील की दूरी पर है। मुर्की और लोकेश्वर के बीचोंबीच भेड़ाघाट स्थित है। यह वह स्थल है जहाँ किसी युग में भृगु ऋषि ने तपस्या की थी।
यहाँ की संगमरमरी चट्टानें निर्मल और सुन्दर हैं। वहाँ की गम्भीरता प्रदर्शित करती है कि मानो वह ऋषि आज भी वहाँ अपनी तपस्या में लीन है। इन चट्टानों के ऊपर कोमल घास उगी हुई। चन्द्रमा की चाँदनी में चाँदी की तरह चमक उठती है और सूरज की तपिश में तप उठती हैं। बरसात में घना अंधकार सब ओर छा जाता है। लेखक को यहाँ के सौन्दर्य ने बहुत अधिक प्रभावित किया है। लेखक ने गौरीशंकर और चौंसठ योगिनियों के मन्दिर को भी देखा। इसके समीप ही दूध-धारा को देख लेखक चमत्कृत हो उठा। इस सब की घर-घर और मर-मर की आवाज अभी भी लेखक को अपने कानों में गूंजती प्रतीत होती है।
(ड) भेड़ाघाट पर नर्मदा के दोनों ओर की चट्टानें किस पत्थर की बनी हुई है ?
प्रश्न 4.
सही विकल्प चुनकर लिखिए
(1) सतपुड़ा का जंगल कहाँ स्थित है ?
(क) उत्तर प्रदेश
(ख) आन्ध्र प्रदेश
(ग) मध्य प्रदेश
(घ) बिहार।
उत्तर
(ग) मध्य प्रदेश
(2) धुआँधार प्रपात किस नदी के जल के गिरने से बनता है?
(क) नर्मदा
(ख) गंगा
(ग) यमुना
(घ) ताप्ती।
उत्तर
(क) नर्मदा
(3) भेड़ाघाट की पहाड़ी पर कौन-सा मन्दिर बना है ?
(क) गणेश
(ख) महादेव
(ग) गौरीशंकर
(घ) सीता-राम।
उत्तर
(ग) गौरीशंकर
(4). पल-पल पलटति भेष, छलकि छन-छन छवि धारति’ ये पंक्तियाँ किस कवि की हैं?
(क) माखन लाल चतुर्वेदी
(ख) श्रीधर पाठक
(ग) शिवमंगाल सिंह ‘सुमन’
(घ) सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’।
उत्तर
(ख) श्रीधर पाठक
प्रश्न 5.
निम्नलिखित पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए
(1) “बैल को अपने खूटे पर ही अच्छा लगता है।”
(2) नर्मदा चाहे कितनी मर-मर करे, वह मरती नहीं है।
(3) जो जनसेवा के लिए नीचे गिरना स्वीकृत करते हैं, उन्हें शोभाधाम के ऐसे ही हाथ सँभाल लिया करते हैं।
उत्तर
एक पुरानी कहावत है कि बैल जो अपने निश्चित स्थान पर बैधता रहा हो, उसे वही स्थान अच्छा (प्रिय) लगेगा।
नर्मदा नदी अपने जल के प्रवाह से मर-मर की ध्वनि उत्पन्न करती हुई बहती रहती है, किन्तु इसके दोनों किनारों की ऊँची चट्टानों की श्वेतता कभी भी मर नहीं सकती।
नर्मदा नदी जब भेड़ाघाट पर अत्यधिक ऊँचाई से नीचे गिरती है तो उसके दोनों किनारों पर खड़ी संगमरमरी चट्टानें उसे मानो अपनी भुजाओं में स्थान देती प्रतीत होती हैं। इसी प्रकार जब भी कोई व्यक्ति अथवा व्यक्तित्व जनसेवार्थ झुककर अथवा नत होकर कोई कार्य सम्पन्न करने हेतु चल पड़ता है, तो उसे समाज रूपी सुन्दर एवं मजबूत हाथ अपना सहारा एवं संबल|
भाषा-अध्ययन
प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों का शुद्ध उच्चारण कीजिए और लिखिए
डॉक्टर, ड्रॉप, कॉलेज, बॉल, बॉस, कॉल, लॉकर, ऑफिस।
उत्तर
विद्यार्थी उपर्युक्त शब्दों को ठीक-ठीक पढ़कर उनका शुद्ध उच्चारण करने का अभ्यास करें और लिखें।
प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों को वर्णमाला के क्रम में लिखिए
‘संन्यासी, नवरत्न, भेड़ाघाट, खूटा, बरसात, उज्ज्वलता, नर्मदा, मुलायम, रेती, किनारा, दर्शन, ग्वारीघाट।
उत्तर
उज्ज्वलता, किनारा, खूटा, ग्वारी घाट, दर्शन, नर्मदा, नवरत्न, बरसात, भेड़ाघाट, मुलायम, रेती, संन्यासी।।
प्रश्न 3.
निम्नलिखित उदाहरण के अनुरूप दिए गए शब्दों का प्रयोग एक-एक वाक्य में कीजिए
उदाहरण-कालिदास, विक्रमादित्य, नवरत्न।
वाक्य-कालिदास विक्रमादित्य की सभा के नवरत्नों में से एक थे।
1. नगण्य, मूल्य, ईमानदारी।
उत्तर
ईमानदारी से देखा जाय तो इन संगमरमरी चट्टानों की अपेक्षा चाँदी का मूल्य नगण्य है।
2. नर्मदा, जबलपुर, भेड़ाघाट, प्रकृति चित्रण, मनोरम।
उत्तर
जबलपुर के समीप नर्मदा नदी के भेड़ाघाट का प्रकृति चित्रण लेखक ने बहुत ही मनोरम शैली में किया है।
3. रात, पक्षी, घोंसला।
उत्तर
रात को पक्षी अपने घोंसलों में छिपकर धुआँधार . के झरने की ‘घर-घर’ की आवाज सुनते हैं।
प्रश्न 4.
शुद्ध शब्द छाँटकर सामने के खाने में लिखिएशब्द
(1) परवत, पर्वत, पर्वत
(2) नर्मदा, नरमदा, नरबदा
(3) श्रेणी, शैणी, शरैणी
(4) पूरवी, पूर्वी, पूर्वि
(5) प्रपात, परपात, पात
(6) पशचिम, पश्चिम, पर्शचम
उत्तर
पर्वत
नर्मदा
श्रेणी
पूर्वी
प्रपात
पश्चिम
प्रश्न 5.
निम्नलिखित शब्दों के कम से कम दो-दो अर्थ लिखकर, उन्हें अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए
आम, काल, गति, अर्थ, तात।
उत्तर

प्रश्न 6.
निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए उनके सामने लिखे शब्दों में से उचित शब्द छाँटकर लिखि

उत्तर
(अ)→(3),(आ)-(1),(इ)→(4),(ई)→(2), (1)→(7), (ऊ)→ (6),(ए)→ (5)
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- Chapter 23 महान विभूति: दानवीर डॉ. सर हरिसिंह गौर
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