MP Board Class 7 हिंदी भाषा भारती Solutions Chapter 3 मेरी वसीयत प्रश्न उत्तर
Madhya Pradesh Board Class 7 Hindi Bhasha Bharti Solutions Chapter 3 मेरी वसीयत
By StudyEducation
बोध प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए
प्रश्न 1.
नेहरूजी ने अपने दोस्तों और साथियों के लिए क्या बातें कही हैं ?
उत्तर-
नेहरूजी ने अपने दोस्तों और साथियों के साथ अपने कार्य अनुभव को बाँटते हुए लिखा है कि बेशुमार दोस्तों और साथियों के उनके ऊपर कई एहसान रहे हैं। वे बड़े-बड़े कामों में एक-दूसरे के साथ रहे, मिल-जुलकर काम किए तथा सफलता के सुख व असफलता के दुःख दोनों में शामिल रहे।
प्रश्न 2.
गंगा नदी से नेहरूजी की कौन-कौन सी भावनाएँ लिपटी हुई हैं ?
उत्तर-
नेहरूजी ने गंगा को बेहद करीब से और लम्बे समय तक देखा है। इससे उनकी अनेकानेक भावनाएँ लिपटी हुई हैं। गंगा के प्राकृतिक सौन्दर्य, उसके पल-पल बदलते स्वरूप व पग-पग परिवर्तित होते मार्ग के मनोरम दृश्य सदैव स्मृति पटल पर ताजा रहते हैं। गंगा जनता की सर्वप्रिय नदी है। वह तो भारत की प्राचीन सभ्यता का प्रतीक रही है। वास्तव में, नेहरू जी के लिए गंगा मात्र एक नदी न होकर भूत को वर्तमान के मार्ग से होते हुए भविष्य को जोड़ने का एक जीवनदायक स्रोत है।
प्रश्न 3.
नेहरूजी ने विभिन्न समय और मौसम पर गंगा का मनोहारी चित्रण किस प्रकार किया है
(क) सुबह के समय,
(ख) शाम के समय,
(ग) सर्दी के समय।
उत्तर-
नेहरूजी ने विभिन्न समय और मौसम पर गंगा का मनोहारी चित्रण करते हुए लिखा है कि उन्होंने सुबह की रोशनी में गंगा को मुस्कराते, उछलते-कूदते देखा है और देखा है शाम के साये में उदास काली-सी चादर ओढ़े हुए, भेद-भरी सर्दी में सिमटी-सी आहिस्ते-आहिस्ते बहती गंगा अत्यन्त सुन्दर दिखाई पड़ती है।
प्रश्न 4.
नेहरूजी ने अपनी वसीयत में मरने के बाद भस्म को कहाँ-कहाँ डाल देने की इच्छा व्यक्त की है?
उत्तर-
नेहरूजी ने अपनी वसीयत में मरने के बाद अपनी भस्म में से मुट्ठीभर गंगा में डालने तथा शेष हिस्से को भारत के उन खेतों में बिखेर देने की इच्छा व्यक्त की है, जहाँ भारतीय किसान अपनी जीतोड़ मेहनत से अन्न उपजाते हैं।
भाषा अध्ययन
प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों का शुद्ध उच्चारण कीजिए और लिखिए-
मुहब्बत, बेशुमार, एहसान, शरीक, ताल्लुक, पौराणिक, स्मृतियों, फख, उत्तराधिकार, प्रेरणा, दरख्वास्त, पुष्टि, श्रद्धांजलि।
उत्तर-
प्रत्येक शब्द को ठीक-ठीक उच्चारित करके सुन्दर हस्तलेख में सार्वधानीपूर्वक लिखिए।
प्रश्न 2.
‘ना’ और ‘वि’ उपसर्ग जोड़कर शब्द बनाइए
उत्तर-
प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों का अर्थ स्पष्ट करते हुए वाक्यों में प्रयोग कीजिए-
अस्थियाँ, परम्परा, विजयगान, स्मृतियाँ, प्रेरणा, उत्तराधिकार।
उत्तर-
(क) अस्थियाँ-हड्डियाँ।
वाक्य प्रयोग-नेहरूजी की अस्थियों को पवित्र गंगा नदी में विसर्जित किया गया।
(ख) परम्परा-रीजि-रिवाज।
वाक्य प्रयोग-अतिथि का देवता के समान स्वागतसत्कार भारतीय संस्कृति की प्रमुख परम्परा है।
(ग) विजयगान-जय-गान।
वाक्य प्रयोग-छत्रपति शिवाजी का विजयगान पूरे भारतवर्ष में होता था।
(घ) स्मृतियाँ-यादें।
वाक्य प्रयोग-वीर पुरुषों की मृत्यु के पश्चात् भी उनकी स्मृतियाँ मानव-मस्तिष्क में सदैव बनी रहती हैं।
(ङ) प्रेरणा-उत्साहित करना।
वाक्य प्रयोग-सुरेश के बड़े भाई ने उसे वार्षिक परीक्षा में। सर्वोत्तम परिणाम लाने के लिए भरपूर प्रेरणा दी।
(च) उत्तराधिकार- बाद में प्राप्त होने वाला अधिकार।
वाक्य प्रयोग-अहिल्याबाई को होल्कर राज्य उत्तराधिकार के रूप में प्राप्त हुआ।
प्रश्न 4.
निम्नलिखित वाक्यों में उपयुक्त स्थान पर ‘नहीं’ और ‘न’ द्वारा रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) मैं आज सभा में …………………………….. जाऊँगा और …………………………….. तुमको जाने दूंगा।
(ख) माँ ने मुझे नाश्ता …………………………….. बनाने दिया और ……………………………..” ही खुद बनाया।
(ग) नेहरू जी ने कहा, “मेरे मरने के बाद कोई धार्मिक रस्में अदा ……………………………..” की जाएँ मैं ऐसी बातों को …………………………….. मानता।”
(घ) राजू को आज खेलने …………………………….. दिया जाए, क्योंकि उसने शाला का कार्य पूरा …………………………….. किया है।
उत्तर-
(क) नहीं, न,
(ख) नहीं, न,
(ग) न, नहीं,
(घ) न, नहीं।
प्रश्न 5.
नीचे दिए उदाहरण के अनुसार वाक्यों को अलग कीजिए-
उत्तर-

प्रश्न 6.
निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति दिए गए विकल्पों में से छाँटकर कीजिए
(क) …………………………….. प्राचीन सभ्यता का प्रतीक रही है।
(1) यमुना
(2) गंगा
(3) चम्बल
(4) कावेरी।
उत्तर-
(2) गंगा,
(ख) पुराण में …………………………….. प्रत्यय लगाकर पौराणिक शब्द बनता है।
(1) णिक
(2) क
(3) इक
(4) पौ।
उत्तर-
(3) इक,
(ग) ‘बेशुमार’ शब्द में …………………………….. उपसर्ग है।
(1) मार
(2) बे
(4) बेश।
उत्तर-
(2) बे।
📚 All Chapters:
- Chapter 1 मेरी भावना
- Chapter 2 दादी की घड़ी
- Chapter 3 मेरी वसीयत
- Chapter 4 दो कविताएँ
- Chapter 5 मध्यप्रदेश का वैभव
- Chapter 6 राखी का मूल्य
- Chapter 7 नीति के दोहे
- Chapter 8 डॉ. अब्दुल कलाम के जीवन के प्रेरक प्रसंग
- Chapter 9 गौरैया
- Chapter 10 सुभाषचन्द्र बोस का पत्र
- Chapter 11 वात्सल्य के पद
- Chapter 12 नींव का पत्थर
- Chapter 13 अगर नाक न होती
- Chapter 14 मत ठहरो तुमको चलना ही चलना है
- Chapter 15 छोटा जादूगर
- Chapter 16 नरबदी
- Chapter 17 और भी दूँ
- Chapter 18 लोकमाता : अहिल्याबाई
- Chapter 19 ज्ञानदा की डायरी
- Chapter 20 महान् वैज्ञानिक : डॉक्टर चन्द्रशेखर वेंकटरमण
- Chapter 21 माँ! कह एक कहानी
- Chapter 22 महाराजा श्री अग्रसेन
- Chapter 23 कर्तव्य पालन
- Chapter 24 बुन्देलखण्ड केशरी-महाराजा छत्रसाल
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